अगर मैं कभी कही खो जाऊं तो,
मुझे अल्फाजों में तलाश लेना, मिल जाऊगी
मेरे लिखे हर इक लफ्ज़ में “मैं” बसती हूं
महसूस कर लेना इस जमीं से आसमां तक के सफ़र में मुझे
हवा सी बहती मिल जाऊगी
खूशबू की तरह महकती सी इन फिजाओं में घुल जाऊंगी,
ढूंढ लेना कहीं मिल जाऊगी, पुरानी किताबों के पन्नों में दफन कही
और पलकों में दबी गहरी नींद सी
अगर मैं कभी कही खो जाऊं तो