
दुनिया उगते हुये सूरज को ही सलाम करती हैं
करेगी
पर सूरज को अस्त भी होना होता हैं
प्रकृति का नियम हैं
फिर नयी सुबह आती हैं, फिर से सूर्योदय होता हैं
दुनिया को रोशन करने
तो जब कोई ना हो साथ तो खुद को खुद सलाम करे
याद रखे के इसके बाद फिर से नयी सुबह और सूर्योदय होना ही हैं
खुद के साथ खड़े रहिये, बने रहिये सर्वदा