
मैं मुसाफ़िर हूं, मुझे चलने मैं मज़ा आता हैं
मुकम्मल होना मेरी ख़्वाहिशों में हैं ही नहीं,
मेरा सुकून मेरे सफ़र में हैं, मंज़िल में नहीं
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मैं मुसाफ़िर हूं, मुझे चलने मैं मज़ा आता हैं
मुकम्मल होना मेरी ख़्वाहिशों में हैं ही नहीं,
मेरा सुकून मेरे सफ़र में हैं, मंज़िल में नहीं
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क्या खूब कहा है ‘मेरा सुकून मेरे सफ़र में हैं, मंज़िल में नहीं ‘ 👍🏻👍🏻💕
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शुक्रिया गुड़िया।
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😇😇🤗
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पेपर हो गये?
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नहीं अभी चल ही रहे है दिवाली के एक दिन पहले खत्म होंगे😃😃
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अच्छा, फिर अच्छे दीजिए।
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Han bilkul, jb mai bore ho jati ho tb WP dekhti ho.mera next exam maths hai 😊
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All the best.
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Thanks a lot 😊 🙏
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