इक पल जो हाथ से छूट गया
लौट के आ ना सकेगा
वो जो पीछे छूट गया
चलो
आगे की सुध लेते हैं
आज को मुकम्मल करते हैं
आज को कुछ इस तरह से जीते हैं

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इक पल जो हाथ से छूट गया
लौट के आ ना सकेगा
वो जो पीछे छूट गया
चलो
आगे की सुध लेते हैं
आज को मुकम्मल करते हैं
आज को कुछ इस तरह से जीते हैं

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