मैंने पुराने को जाने दिया हैं
दुख दर्द
हिसाब किताब
उन तमाम बातों को
जो मन में उलझन पैदा करती हैं
मेरे आज के लिए
मेरे खुद के लिए
खुश रहना इक अलग खुशी देता हैं
इक उमंग भी
जिसमें कोई फ्रिक नही
कि आप कब जीवन छोड़ रहे हो
बस आखिरी सांस तक जीना हैं
हरेक चीज को मान के
स्वीकार करके
खुश रह के
फिर ये जीवन उत्तम और सार्थक हैं