रोये भी तभी जब ये आपको ताकत दे
जीवन की हरेक छोटी बड़ी चीज कीमती हैं
बेबात, बेमतलब
रोना भी वक्त की फ़िज़ूलख़र्ची हैं
जबकि हमारे पास बस इक सीमित मात्रा में समय सीमा हैं
जीवन में कभी किसी चीज की फ़िज़ूलख़र्ची
ना हो
ध्यान रहे।

Writing love
रोये भी तभी जब ये आपको ताकत दे
जीवन की हरेक छोटी बड़ी चीज कीमती हैं
बेबात, बेमतलब
रोना भी वक्त की फ़िज़ूलख़र्ची हैं
जबकि हमारे पास बस इक सीमित मात्रा में समय सीमा हैं
जीवन में कभी किसी चीज की फ़िज़ूलख़र्ची
ना हो
ध्यान रहे।

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