बिन बात कोई काम नही आता
जब चाहें तब कोई साथ नही आता
मजबूरी हैं हम सब की
एक नही अनेक
कोई उनसे पार नही पाता
खो देते हैं खुशनुमा लम्हों को हम
हरेक से दिल खोल के जिया नही जाता
घूट गम का भी सबसे पिया नही जाता
जो पी लेता तो
वो रंगरेज हर दुख
हर लेता
Writing love
बिन बात कोई काम नही आता
जब चाहें तब कोई साथ नही आता
मजबूरी हैं हम सब की
एक नही अनेक
कोई उनसे पार नही पाता
खो देते हैं खुशनुमा लम्हों को हम
हरेक से दिल खोल के जिया नही जाता
घूट गम का भी सबसे पिया नही जाता
जो पी लेता तो
वो रंगरेज हर दुख
हर लेता

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