तुम होती हो तो जीवन में ख़ुशी
हिम्मत और हंसी की महक हैं
जैसे खाने में मसाले की होती होती हैं
तुमसे मसखरी, प्यार से लड़ना झगड़ना सब याद हैं
मेरी सबसे प्यारी यादों में तुम बसी हो
तो मोहब्बत तुमसे भी अगर पैमाना नापा जाये चाहत का तो
वो बचपन के गुड्डे- गुड्डियां
वो सोने चांदी की नदिया
जो बारिश में हमारे अधूरे बने घर की छत पर
छपाछप करते खेला करते थे
आज भी याद हैं
तुमसे मेरा दोस्ताना मुस्कराहट ला देता हैं मेरे चेहरे पर
मेरी छाया तुममे देखा करती हूँ मैं
जब सब हमें हमशक्ल कहा करते हैं
पता नहीं आगे का जीवन किस मोड़ पे ले जाये हमे
कुछ खो के, कुछ पा के
थोड़ा सब्र, थोड़ा साथ निभा के
थोड़ा हंस के, थोड़ा गम में रो के
यूँ मुस्कुरा के, तुम्हे गले से लगा के
कहना हैं तुम सबसे अनमोल हो
तुमसे भी हैं जीवन का कुछ मोल
यूँही साथ देना मेरा उम्र तलक
तुम्हारे बिना मैं अधूरी हूँ
तुम ही पूरा करती हो मुझे
जीवन को तुम कुछ जीवन बनाती हो
इसकी बगिया को महकाती हो
तुम अनमोल
मेरी प्यारी सी बहना हो
