जाते जाते तुम भूल कर गये हाथ छूटे दिल मिले रह गये
Author Archives: Poetess
Freedom
Love is free from anything.
लेखन प्रेम
लेखन तृप्त कर देता है जी में जान डाल देता है
जिम्मेदारी
सच्चा प्रेम जिम्मेदारी हैं अगर समझे तो ना समझने वालो के लिए एक मखौल हैं
साथ
सब साथ दे सकते है कुछेक पल कोई भी साथ चल नही सकता हरेक पल ज़िंदगी में
वजूद
अपने वजूद की हरेक को तलाश होनी चाहिए तभी ये असल ज़िंदगी कहलायेगी
निरख-परख
शादी में शांति जरूरी है तड़क-भड़क के इतर तभी ये कामयाब है
ओह! सुकून
जिस सुकून की तलाश में हम दर-ब-दर भटकते हैं वो “स्वयं” में विराजमान हैं
दोस्ती
कितना निभाया कितना साथ छोड़ दिया दोस्ती इस आधार पर बनती हैं चलती हैं
उम्र की सीमा
ओह! उम्रदराज दिन और रात बीती हुई बात