जीने का तरीका

मैं गम में भी खुशी तलाशता हूँ मैं आजकल कुछ इस तरह जीता हूँ

वक्त

वक्त उन घावो से भी उभार देता हैं जो बाहर से भरे दिखते हैं वक्त बड़ी चीज हैं साहिब काम आता हैं दवा की तरह

खुशनुमा यादें

हंसी ठिठोलियों और खुशनुमा यादों को समेट कर रखना भी जरूरी हैं ना जाने किस पल ज़िंदगी की शाम हो जाये

आजमाइश

ज़िंदगी में आजमाइश ज्यादा हो तो इंसान थक जाता हैं पर आजमाइश ज़िंदगी का हिस्सा हैं

प्रेममय

मैं प्रेम के पथ पे खुद से प्रीत सजन से प्रीति नयन झरे उनकी याद में अधूरे लफ़्ज अधरो पे मैं तुझ बिन अधूरी मैं पिया संग ही पूरी मैं ‘मेरा’ सब प्रेममय पूजूँँ या विनती करू तोहरी प्रिये कहो तुम ही

प्रेम की खूबसूरती

प्रेम को प्रेम सा रहने क्यूं नही दिया जाता जाने कब इसे मान सम्मान का जरिया बना दिया जाता है और इसकी खूबसूरती को खत्म कर दिया जाता है

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