सब साथ दे सकते है कुछेक पल कोई भी साथ चल नही सकता हरेक पल ज़िंदगी में
Category Archives: hindi poetry
वजूद
अपने वजूद की हरेक को तलाश होनी चाहिए तभी ये असल ज़िंदगी कहलायेगी
निरख-परख
शादी में शांति जरूरी है तड़क-भड़क के इतर तभी ये कामयाब है
ओह! सुकून
जिस सुकून की तलाश में हम दर-ब-दर भटकते हैं वो “स्वयं” में विराजमान हैं
दोस्ती
कितना निभाया कितना साथ छोड़ दिया दोस्ती इस आधार पर बनती हैं चलती हैं
उम्र की सीमा
ओह! उम्रदराज दिन और रात बीती हुई बात
मेरा लेखन
मेरे लिए इक आखर लिखना बड़ी बात और मैं कवितायें लिखती हूँ जाने कैसे ये संभव है असंभव सा
सर्द दिन
सर्द दिन ठिठुरती शामें सुबह के आगमन में बेहतर की संभावना में जीते हम और तुम
सच्चा दोस्त
एक सच्चा दोस्त आपके सामने आपकी कमी बताता है और पीठ पीछे आपके गुणों का बखान करता है
माफ़ी से आजादी तक
मैं सबको माफ करता आया कुछ इस तरह मैं खुद की भलाई करता आया ज़िंदगी बाकी है अभी, जीना भी कुछ बाकी हैं