यादें

यादें दस्तक देती हैं जाडे़ में नरम धूप की तरह ओस की नमी की तरह हल्की सी ठंडक लिए आँखों में बहते नीर सी खुशियों में लम्बी मुस्कान की तरह

ख्वाब में

मेरे ख्वाबों में तुम रहते हो तुम सोते नही जागते रहते हो परवाने हो शमा को बुझने नही देते हो

सौगात ए ज़िंदगी

ज़िंदगी को तो बीत जाना ही होगा मुझे भी खुश रहना ही होगा यादें मुझे यादगार चाहिए ज़िंदगी से ये सौगात चाहिए दिन दो चार और चाहिए जीने के लिए

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