हम मनुष्यों को प्राकृतिक रुप से असंतुष्ट बनाया गया है संतुष्टि हमारी प्रकृति में नही इसे खोजना व्यर्थ है फिर भी खोज को बनाए रखना है मृत्युपर्यन्त
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जोखिम
ज़िंदगी जोखिमों का सफ़र और आसानियाँ भी इसी में तलाश करनी हैं
जीवन का रहस्य
मैंने जीवन का गूढ़ रहस्य समझा हैं मृत्यु और जीवन के बीच में जीना हैं जितना भी जीवन जीना हैं हंसी खुशी से बेहतरी में काम करके सब कुछ यही छोड़ के गुण ग्रहण करके खाली हाथ प्रस्थान करना हैं इक निश्चित समयावधि में
सुधार की संभावना
आज और कल को सुधारा जा सकता हैं, बशर्ते बीते कल को भूला जाए आज में कुछ मुमकिन काम किया जाए उसे बेहतरी से जिया जाए
मुख-वाणी
वाणी ऐसी हो जिससे सुनने वाले को सूकुन मिले
यादें
अमूमन खाली दिल को किसी भी याद से भरा जा सकता हैं
प्राथमिकता
जीवन में प्रथम प्राथमिकता जहां हो, वहां खुश रहना होना चाहिए फिर विचार करना और काम करना उसपे जहां होना हैं आगे की ज़िंदगी में
Self speech 47
My dearest self Hope you are happy In this lifetime Enjoy togetherness with other beings Life seems golden in better days Broken in bitter days But this is for what it become Ups and downs Will be part of the life What every individual has to face So are you Dear remain happily ever NeverContinue reading “Self speech 47”
जीवन की सीख
गलतियो से सीखियें, समझियें शोक में डूब मत जाइए आगे बढिये जीवन तब तक बहुत बड़ा है जब तक के इसका अंत ना हो जाए तो बहुत मौके आयेगे बेहतर करने के उनकी तैयारी में जुट जाए
यकीन
मैं डर से डरता हूँ मैं डर में अब यकीन नही रखता मैं खुद पे अब यकीन करता हूँ