संतुष्टि

हम मनुष्यों को प्राकृतिक रुप से असंतुष्ट बनाया गया है संतुष्टि हमारी प्रकृति में नही इसे खोजना व्यर्थ है फिर भी खोज को बनाए रखना है मृत्युपर्यन्त

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