वक्त

वक्त उन घावो से भी उभार देता हैं जो बाहर से भरे दिखते हैं वक्त बड़ी चीज हैं साहिब काम आता हैं दवा की तरह

प्रेममय

मैं प्रेम के पथ पे खुद से प्रीत सजन से प्रीति नयन झरे उनकी याद में अधूरे लफ़्ज अधरो पे मैं तुझ बिन अधूरी मैं पिया संग ही पूरी मैं ‘मेरा’ सब प्रेममय पूजूँँ या विनती करू तोहरी प्रिये कहो तुम ही

दिल ए नवाबी

दिल ए नवाबी बता आज रजा क्या रुसवाई की सजा क्या खत्म होती ख़्वाहिशों का मजा क्या ये अधूरापन है ज़िंदगी में वो इश्कपना भी है वो दर्द का दवा होना भी आज ख़्वाहिशों का समंदर शांत सा है तूफान में कश्ती डुबो देने का फनकार ये भी है

सुधार की संभावना

आज और कल को सुधारा जा सकता हैं, बशर्ते बीते कल को भूला जाए आज में कुछ मुमकिन काम किया जाए उसे बेहतरी से जिया जाए

जीवन की सीख

गलतियो से सीखियें, समझियें शोक में डूब मत जाइए आगे बढिये जीवन तब तक बहुत बड़ा है जब तक के इसका अंत ना हो जाए तो बहुत मौके आयेगे बेहतर करने के उनकी तैयारी में जुट जाए

Design a site like this with WordPress.com
Get started