बचपन आज फिर से बहुत याद आ रहा हैं जाने क्यों वो ही मीठी मीठी सी यादेंं वो ही सोंधी सोंधी सी खाने की खुश्बू मन को महसूस सी हो रही हैं फिर से एक लम्बी सी मुस्कान लिए में उन दिनों, उन ख़्वाब जैसे ख़्यालों में डूबी सी जा रही हूँ जैसे मैं छोटीContinue reading “प्यारा बचपन”