मेरी ख़्वाहिश

शहर में चौतरफा भीड़ नही पसंद थोड़ी रफ्तार भी कम हो शहर की गाड़ियो का हुजूम भी कम काश सितारोंं सी सजी इमारते साथ में इक छोटा सा हरा भरा जंगल भी रखती सड़के थोड़ी कम भीड़ भाड़ सी होती रंग बिरंगी साईकिलो से सजी होती हर किसी को जल्दबाज़ी इतनी ना होती जाने कीContinue reading “मेरी ख़्वाहिश”

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