बिन बात

बिन बात कोई काम नही आता जब चाहें तब कोई साथ नही आता मजबूरी हैं हम सब की एक नही अनेक कोई उनसे पार नही पाता खो देते हैं खुशनुमा लम्हों को हम हरेक से दिल खोल के जिया नही जाता घूट गम का भी सबसे पिया नही जाता जो पी लेता तो वो रंगरेजContinue reading “बिन बात”

Design a site like this with WordPress.com
Get started