सुबह सुबह उगते सूरज को देख के जो मेरे मन के भाव बदलते हैं ना अल्फ़ाज़ हैं ही नहीं उस खो जाने वाले अनुभव के लिए, उफ्फ उसे तो सिर्फ महसूस किया जा सकता है उसी पल में ठहर के और यकायक जिंदगी खूबसूरत लगने लगती हैं फिर इक बार जी उठने को मन करताContinue reading “प्रकृति की छाव में”