कितना गलत है कि
हम स्वयं को
बाहरी दुनिया में तलाश करते हैं
पूर्णता को खोजते हैं
जो भीतर ही छिपा हैं खजाना
उसकी तलाश बाहर करते हैं

Writing love
कितना गलत है कि
हम स्वयं को
बाहरी दुनिया में तलाश करते हैं
पूर्णता को खोजते हैं
जो भीतर ही छिपा हैं खजाना
उसकी तलाश बाहर करते हैं

Writing is love. View more posts