स्वयं की तलाश

कितना गलत है कि हम स्वयं को बाहरी दुनिया में तलाश करते हैं पूर्णता को खोजते हैं जो भीतर ही छिपा हैं खजाना उसकी तलाश बाहर करते हैं

दिल ए नवाबी

दिल ए नवाबी बता आज रजा क्या रुसवाई की सजा क्या खत्म होती ख़्वाहिशों का मजा क्या ये अधूरापन है ज़िंदगी में वो इश्कपना भी है वो दर्द का दवा होना भी आज ख़्वाहिशों का समंदर शांत सा है तूफान में कश्ती डुबो देने का फनकार ये भी है

संतुष्टि

हम मनुष्यों को प्राकृतिक रुप से असंतुष्ट बनाया गया है संतुष्टि हमारी प्रकृति में नही इसे खोजना व्यर्थ है फिर भी खोज को बनाए रखना है मृत्युपर्यन्त

जीवन का रहस्य

मैंने जीवन का गूढ़ रहस्य समझा हैं मृत्यु और जीवन के बीच में जीना हैं जितना भी जीवन जीना हैं हंसी खुशी से बेहतरी में काम करके सब कुछ यही छोड़ के गुण ग्रहण करके खाली हाथ प्रस्थान करना हैं इक निश्चित समयावधि में

सुधार की संभावना

आज और कल को सुधारा जा सकता हैं, बशर्ते बीते कल को भूला जाए आज में कुछ मुमकिन काम किया जाए उसे बेहतरी से जिया जाए

प्राथमिकता

जीवन में प्रथम प्राथमिकता जहां हो, वहां खुश रहना होना चाहिए फिर विचार करना और काम करना उसपे जहां होना हैं आगे की ज़िंदगी में

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