शाम कुछ बाकी हैं

अभी शाम कुछ बाकी हैं

कुछ चाय पे गुफ़्तगू का वो गुमान

वो अंदाज,

वो ख़्वाबों ख़्याल का आना भी बाकी हैं

अभी इस पराये से शहर का

मेरा अपना होना बाकी हैं

के शाम अभी काफ़ी हैं

In memories

I miss you

I miss you like ocean

waves come and go

I miss you like

Stars meet the night

Don’t know where you are

You are here always in my heart

I know someday I will get you

It will complete us

In the memories

In the realities

It will fill the blank of my heart

It will make the life cheerful

Love be here

Let’s start the life together

Love stay here

– Memories of you

कुछ गीत

कुछ गीत लिखूँ

या जज्बात पढूँ

इन्हे गाऊ या चुपचाप सुनूँ

वास्ता रखू या छोड़ चलू

क्या करू

क्या ना करू

दिल की सुनूँ या मन की करू

लब सी लू या बोल पडू

खुद को तराशू या कोई और किरदार गढूँ

मनमौजी रहू या खुद का इम्तिहान लू

तुम बताओ

क्या करू

क्या ना करू

बिन बात

बिन बात कोई काम नही आता

जब चाहें तब कोई साथ नही आता

मजबूरी हैं हम सब की

एक नही अनेक

कोई उनसे पार नही पाता

खो देते हैं खुशनुमा लम्हों को हम

हरेक से दिल खोल के जिया नही जाता

घूट गम का भी सबसे पिया नही जाता

जो पी लेता तो

वो रंगरेज हर दुख

हर लेता

कुछ बात करू

के मैं कुछ बात करू

कोई सुने मुझे के ये

मेरे जज्बात कहे

कहानी काफ़ी लम्बी हैं

जुदाई की

बात आती है अब

लौट के आती दुआओं की

बिन मौसम बारिश भी अच्छी नही

हमसे कही हर बात भी अब सच्ची नही

दस्तक अब कोई देता नही

इस दिल पे

मुलाकात भी अब हर किसी से

अच्छी नही

खात्मे की और हैं अब मेरा र्जरा र्जरा

तबियत इतनी खराब भी अब अच्छी नही

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