जाते जाते तुम भूल कर गये
हाथ छूटे
दिल मिले रह गये
Writing love
जाते जाते तुम भूल कर गये
हाथ छूटे
दिल मिले रह गये
Love is free from anything.

लेखन तृप्त कर देता है
जी में जान डाल देता है

सच्चा प्रेम जिम्मेदारी हैं
अगर समझे तो
ना समझने वालो के लिए
एक मखौल हैं

सब साथ दे सकते है
कुछेक पल
कोई भी साथ चल नही सकता
हरेक पल ज़िंदगी में

अपने वजूद की
हरेक को तलाश होनी चाहिए
तभी ये असल ज़िंदगी कहलायेगी

शादी में शांति जरूरी है
तड़क-भड़क के इतर
तभी ये कामयाब है

जिस सुकून की तलाश में
हम दर-ब-दर भटकते हैं
वो “स्वयं” में विराजमान हैं

कितना निभाया
कितना साथ छोड़ दिया
दोस्ती इस आधार पर बनती हैं
चलती हैं

ओह!
उम्रदराज
दिन और रात
बीती हुई बात

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