मेरे लिए इक आखर लिखना बड़ी बात
और
मैं कवितायें लिखती हूँ
जाने कैसे
ये संभव
है
असंभव सा

Writing love
मेरे लिए इक आखर लिखना बड़ी बात
और
मैं कवितायें लिखती हूँ
जाने कैसे
ये संभव
है
असंभव सा


सर्द दिन
ठिठुरती शामें
सुबह के आगमन में
बेहतर की संभावना में
जीते हम और तुम
एक सच्चा दोस्त
आपके सामने आपकी कमी बताता है
और
पीठ पीछे आपके गुणों का बखान करता है

I feel like 50 or 60 years old,
I don’t care about what others would think
and react when I do right thing for myself.
Less care, more succeed.
Keep it simple.


मैं सबको माफ करता आया
कुछ इस तरह मैं खुद की भलाई करता आया
ज़िंदगी बाकी है अभी, जीना भी कुछ बाकी हैं

आजादी से खूबसूरत कुछ नही।
जरा आँखों को बंद कर महसूस करे।
ज़िंदगी खूबसूरत है अब
धरती पर मुस्कुराता सूर्योदय
लालिमा चहुँओर फैलाता सूर्योदय

यादें दस्तक देती हैं
जाडे़ में नरम धूप की तरह
ओस की नमी की तरह हल्की सी ठंडक लिए
आँखों में बहते नीर सी
खुशियों में लम्बी मुस्कान की तरह

सीली सीली शाम
और यादों की सेंक
अब नर्माहट है इस जाती हुई शाम में

मेरे ख्वाबों में तुम रहते हो
तुम सोते नही
जागते रहते हो
परवाने हो
शमा को बुझने नही देते हो

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